Mazehi antrang
Wednesday, January 4, 2012
yade
हर बात केह्कर समझाए नही जाती
हर चीज झीन्दगी मै पायी नही जाती
यु तो हर वक्त याद करते हे आपको
पर क्या करे यादे किसीको दिखाई नही जाती
अगर तू न होती मेरी साज
तो मेरी फनकार पेहचान न होती
अगर न होती तेरी साथ मुझे
तो मेरी कोई शक्सियत न होती
1 comment:
Chetan
January 11, 2012 at 1:22 AM
लफ्जो में यादे बयान नहीं करते...
ये आखे की दगा देती है..जो अपना आइना बयान करने से डरते नहीं!!
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लफ्जो में यादे बयान नहीं करते...
ReplyDeleteये आखे की दगा देती है..जो अपना आइना बयान करने से डरते नहीं!!